F.T. 6th SEM MID EXAM MARKS

Enrollment No. Marks
136350319004 15
136350319005 15
136350319008 28
136350319010 AB
136350319014 AB
136350319016 0
136350319018 17
136350319019 24
136350319026 19
136350319027 10
136350319028 22
136350319029 19
136350319032 14
136350319034 6
136350319036 24
136350319042 29
136350319044 22
136350319047 15
136350319049 24
136350319053 23
136350319059 24
136350319060 AB
136350319067 30
136350319068 25
136350319071 30
136350319077 22
136350319078 25
136350319080 21
136350319081 19
136350319082 14
136350319084 23
136350319085 19
136350319088 18
136350319099 27
136350319101 AB
136350319105 23
136350319113 24
116350319052 9
116350319100 10
116350319105 1
116350319107 1
126350319017 13
126350319020 17
126350319022 12
126350319024 10
126350319029 12
126350319045 18
126350319049 14
126350319056 9
126350319060 AB
126350319079 18
126350319084 9
126350319089 25
126350319103 8
126350319118 6
136358319001 AB
146358319001 8
 
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5 चीजें जो आपको नहीं करनी चाहिए और क्यों ?

1) दूसरे  की  बुराई  को  enjoy करना

ये  तो  हम  बचपन  से  सुनते  आ  रहे  हैं  की  दुसरे  के  सामने  तीसरे  की  बुराई  नहीं  करनी  चाहिए , पर  एक और  बात  जो  मुझे  ज़रूरी  लगती  है  वो  ये  कि  यदि  कोई  किसी  और  की  बुराई  कर  रहा  है  तो  हमें  उसमे  interest नहीं  लेना  चाहिए  और  उसे  enjoy नहीं  करना  चाहिए . अगर  आप  उसमे  interest दिखाते  हैं  तो  आप  भी  कहीं  ना  कहीं  negativity को  अपनी  ओर  attract करते  हैं . बेहतर  तो  यही  होगा  की  आप  ऐसे  लोगों  से  दूर  रहे  पर  यदि  साथ  रहना  मजबूरी  हो  तो  आप  ऐसे  topics पर  deaf and dumb हो  जाएं  , सामने  वाला  खुद  बखुद  शांत  हो  जायेगा . For example यदि  कोई  किसी  का  मज़ाक  उड़ा रहा  हो  और  आप  उस पे  हँसे  ही  नहीं  तो  शायद  वो  अगली  बार  आपके  सामने  ऐसा  ना  करे . इस  बात  को  भी  समझिये  की  generally जो  लोग  आपके  सामने  औरों  का  मज़ाक  उड़ाते  हैं  वो  औरों  के  सामने  आपका  भी  मज़ाक  उड़ाते  होंगे . इसलिए  ऐसे  लोगों  को  discourage करना  ही  ठीक  है .

2) अपने  अन्दर  को  दूसरे  के  बाहर  से  compare करना

इसे  इंसानी  defect कह  लीजिये  या  कुछ  और  पर  सच  ये  है  की  बहुत  सारे  दुखों  का  कारण  हमारा  अपना  दुःख  ना  हो  के  दूसरे   की  ख़ुशी  होती  है . आप  इससे  ऊपर  उठने  की  कोशिश  करिए , इतना  याद  रखिये  की  किसी  व्यक्ति  की  असलियत  सिर्फ  उसे  ही  पता  होती  है , हम  लोगों  के  बाहरी यानि नकली रूप  को  देखते  हैं  और  उसे  अपने  अन्दर के यानि की असली  रूप  से  compare करते  हैं . इसलिए  हमें लगता  है  की  सामने  वाला  हमसे  ज्यादा  खुश  है , पर  हकीकत  ये  है  की  ऐसे  comparison का  कोई  मतलब  ही  नहीं  होता  है . आपको  सिर्फ  अपने  आप  को  improve करते  जाना  है और व्यर्थ की comparison नहीं करनी है.

3) किसी  काम  के  लिए  दूसरों  पर  depend करना

मैंने  कई  बार  देखा  है  की  लोग  अपने  ज़रूरी काम  भी  बस  इसलिए  पूरा  नहीं  कर  पाते क्योंकि  वो  किसी  और  पे  depend करते  हैं . किसी  व्यक्ति  विशेष  पर  depend मत  रहिये . आपका  goal; समय  सीमा  के  अन्दर  task का  complete करना  होना चाहिए  , अब  अगर  आपका  best  friend तत्काल  आपकी  मदद  नहीं  कर  पा  रहा  है  तो  आप  किसी  और  की  मदद  ले  सकते  हैं , या  संभव  हो  तो  आप  अकेले  भी  वो  काम  कर  सकते  हैं .

ऐसा  करने  से  आपका  confidence बढेगा , ऐसे  लोग  जो  छोटे  छोटे  कामों  को  करने  में  आत्मनिर्भर  होते  हैं  वही  आगे  चल  कर  बड़े -बड़े  challenges भी  पार  कर  लेते  हैं , तो  इस  चीज  को  अपनी  habit में  लाइए  : ये  ज़रूरी  है की  काम  पूरा  हो  ये  नहीं  की  किसी  व्यक्ति  विशेष  की  मदद  से  ही  पूरा  हो .

4) जो बीत गया  उस  पर  बार  बार  अफ़सोस  करना

अगर  आपके  साथ  past में  कुछ  ऐसा  हुआ  है  जो  आपको  दुखी  करता  है  तो  उसके  बारे  में  एक  बार  अफ़सोस  करिए…दो  बार  करिए….पर  तीसरी  बार  मत  करिए . उस  incident से जो सीख  ले  सकते  हैं  वो  लीजिये  और  आगे  का  देखिये . जो  लोग  अपना  रोना  दूसरों  के  सामने  बार-बार  रोते  हैं  उसके  साथ  लोग  sympathy दिखाने  की  बजाये उससे कटने  लगते  हैं . हर  किसी  की  अपनी  समस्याएं  हैं  और  कोई  भी  ऐसे  लोगों  को  नहीं  पसंद  करता  जो  life को  happy बनाने  की  जगह  sad बनाए . और  अगर  आप  ऐसा  करते  हैं  तो  किसी  और  से  ज्यादा  आप ही  का  नुकसान  होता  है . आप  past में  ही  फंसे  रह  जाते  हैं , और  ना  इस  पल  को  जी  पाते  हैं  और  ना  future के  लिए  खुद  को prepare कर  पाते  हैं ..

5) जो  नहीं  चाहते  हैं  उसपर  focus करना

सम्पूर्ण ब्रह्मांड में हम जिस चीज पर ध्यान केंद्रित करते हैं उस चीज में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि होती है.  इसलिए   आप  जो  होते  देखना  चाहते  हैं  उस  पर  focus करिए , उस  बारे  में  बात  करिए  ना  की  ऐसी  चीजें  जो  आप  नहीं  चाहते  हैं . For example: यदि  आप अपनी  income बढ़ाना  चाहते  हैं  तो  बढती  महंगाई  और  खर्चों  पर  हर  वक़्त  मत  बात  कीजिये  बल्कि  नयी  opportunities और  income generating ideas पर  बात  कीजिये .

इन  बातों पर  ध्यान  देने  से  आप  Self Improvement के  रास्ते  पर  और  भी  तेजी  से  बढ़ पायेंगे  और  अपनी  life को  खुशहाल  बना  पायेंगे . All the best. 🙂

महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले

विद्या बिना मति गयी, मति बिना नीति गयी |
नीति बिना गति गयी, गति बिना वित्त गया |
वित्त बिना शूद गये, इतने अनर्थ, एक अविद्या ने किये ||
                                                                                                                                        – ज्योतिबा फुले
Mahatma Jyotiba Phule Life History in Hindi
महात्मा ज्योतिबा फुले (ज्योतिराव गोविंदराव फुले) को 19वी. सदी का प्रमुख समाज सेवक माना जाता है. उन्होंने भारतीय समाज में फैली अनेक कुरूतियों को दूर

Mahatma Jyotiba Phule Life History in Hindi

Mahatma Jyotiba Phule

करने के लिए सतत संघर्ष किया. अछुतोद्वार, नारी-शिक्षा, विधवा – विवाह और किसानो के हित के लिए ज्योतिबा ने उल्लेखनीय कार्य किया है. उनका जन्म 11 अप्रैल  1827  को सतारा महाराष्ट्र , में हुआ था. उनका परिवार बेहद गरीब था और जीवन-यापन के लिए बाग़-बगीचों में माली का काम करता था. ज्योतिबा जब मात्र  एक वर्ष के थे तभी उनकी माता का निधन हो गया था. ज्योतिबा का लालन – पालन सगुनाबाई नामक एक दाई ने किया. सगुनाबाई ने ही उन्हें माँ की ममता और दुलार दिया.

7 वर्ष की आयु में ज्योतिबा को गांव के स्कूल में पढ़ने भेजा गया. जातिगत भेद-भाव के कारण उन्हें विद्यालय छोड़ना पड़ा. स्कूल छोड़ने के बाद भी उनमे पढ़ने की ललक बनी रही. सगुनाबाई ने बालक ज्योतिबा को घर में ही पढ़ने में मदद की. घरेलु कार्यो के बाद जो समय बचता उसमे वह किताबें पढ़ते थे. ज्योतिबा  पास-पड़ोस के बुजुर्गो से विभिन्न विषयों में चर्चा करते थे. लोग उनकी सूक्ष्म और तर्क संगत बातों से बहुत प्रभावित होते थे.
अरबी-फ़ारसी के विद्वान गफ्फार बेग मुंशी एवं फादर लिजीट साहब ज्योतिबा के पड़ोसी थे. उन्होंने बालक ज्योतिबा की प्रतिभा एवं शिक्षा के प्रति  रुचि  देखकर उन्हें पुनः विद्यालय भेजने का प्रयास किया. ज्योतिबा फिर से स्कूल जाने लगे. वह स्कूल में सदा प्रथम आते रहे. धर्म पर टीका – टिप्पणी सुनने पर उनके अन्दर जिज्ञासा हुई कि हिन्दू धर्म में इतनी विषमता क्यों है? जाति-भेद और वर्ण व्यवस्था क्या है? वह अपने मित्र सदाशिव बल्लाल गोंडवे के साथ समाज, धर्म और देश के बारे में चिंतन किया करते.
उन्हें इस प्रश्न का उत्तर नहीं सूझता कि – इतना बड़ा देश गुलाम क्यों है? गुलामी से उन्हें नफरत होती थी. उन्होंने महसूस किया कि जातियों और पंथो पर बंटे इस देश का सुधार तभी संभव है जब लोगो की मानसिकता में सुधार होगा. उस समय समाज में वर्गभेद अपनी चरम सीमा पर था. स्त्री और दलित वर्ग की दशा अच्छी नहीं थी. उन्हें शिक्षा से वंचित रखा जाता था. ज्योतिबा को इस स्थिति पर बड़ा दुःख होता था. उन्होंने स्त्री सुर दलितों की शिक्षा के लिए सामाजिक संघर्ष का बीड़ा उठाया. उनका मानना था कि – माताएँ जो संस्कार बच्चो पर डालती हैं, उसी में उन बच्चो के भविष्य के बीज होते है. इसलिए लडकियों को शिक्षित करना आवश्यक है.
उन्होंने निश्चय किया कि वह वंचित वर्ग की शिक्षा के लिए स्कूलों का प्रबंध करेंगे. उस समय जात-पात, ऊँच-नीच की दीवारे बहुत ऊँची थी. दलितों एवं स्त्रियों की शिक्षा के रास्ते बंद थे. ज्योतिबा इस व्यवस्था को तोड़ने हेतु दलितों और लड़कियों को अपने घर में पढ़ाते थे. वह बच्चो को छिपाकर लाते और वापस पहुंचाते थे. जैसे – जैसे उनके समर्थक बढ़े उन्होंने खुलेआम स्कूल चलाना प्रारंभ कर दिया.
Savitri Phule Mahtma Jyotiba Phule Wife

Savitri Phule

स्कूल प्रारम्भ करने के बाद ज्योतिबा को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उनके विद्यालय में पढ़ाने को कोई तैयार न होता. कोई पढ़ाता भी तो सामाजिक  दवाब में उसे जल्दी ही यह कार्य बंद करना पड़ता. इन स्कूलों में पढ़ायें कौन ? यह एक गंभीर समस्या थी. ज्योतिबा ने इस समस्या के हल हेतु अपनी पत्नी सावित्री को पढ़ना सिखाया और फिर मिशनरीज के नार्मल स्कूल में प्रशिक्षण दिलाया. प्रशिक्षण के बाद वह भारत की प्रथम प्रशिक्षित महिला शिक्षिका बनीं.

उनके इस कार्य से समाज के लोग कुपित हो उठे. जब सावित्री बाई स्कूल जाती तो लोग उनको तरह-तरह से अपमानित करते. परन्तु वह महिला अपमान का घूँट पीकर भी अपना कार्य करती रही. इस पर लोगो ने ज्योतिबा को समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी और उन्हें उनके पिता के घर से बाहर निकलवा दिया.
गृह त्याग के बाद पति-पत्नी को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. परन्तु वह अपने लक्ष्य से डिगे नहीं. अँधेरी काली रात थी. बिजली चमक रही थी. महात्मा ज्योतिबा को घर लौटने में देर हो गई थी. वह सरपट घर की ओर बढ़े जा रहे थे. बिजली चमकी उन्होंने देखा आगे रास्ते में दो व्यक्ति हाथ में चमचमाती तलवारें लिए जा रहे है. वह अपनी चाल तेज कर उनके समीप पहुंचे. महात्मा ज्योतिबा ने उनसे उनका परिचय व इतनी रात में चलने का कारण जानना चाहा. उन्होने बताया हम ज्योतिबा को मारने जा रहे है.
महात्मा ज्योतिबा ने कहा – उन्हें मार कर तुम्हे क्या मिलेगा ? उन्होंने कहा – पैसा मिलेगा, हमें पैसे की आवश्यकता है. महात्मा ज्योतिबा ने क्षण भर सोचा फिर  कहा- मुझे मारो, मैं ही ज्योतिबा हूँ, मुझे मारने से अगर तुम्हारा हित होता है, तो मुझे ख़ुशी होगी. इतना सुनते ही उनकी तलवारें हाथ से छूट गई. वह ज्योतिबा के चरणों में गिर पड़े, और उनके शिष्य बन गए.
महात्मा ज्योतिबा फुले ने ”सत्य शोधक समाज” नामक संगठन की स्थापना की. सत्य शोधक समाज उस समय के अन्य संगठनो से अपने सिद्धांतो व कार्यक्रमो  के कारण भिन्न था. सत्य शोधक समाज पूरे महाराष्ट्र में शीघ्र ही फ़ैल गया. सत्य शोधक समाज के लोगो ने जगह – जगह दलितों और लड़कियों की शिक्षा के लिए स्कूल खोले. छूआ-छूत का विरोध किया. किसानों के हितों की रक्षा के लिए आन्दोलन चलाया.
अपने जीवन काल में उन्होंने कई पुस्तकें भी लिखीं- तृतीय रत्न, छत्रपति शिवाजी, राजा भोसला का पखड़ा, ब्राह्मणों का चातुर्य, किसान का कोड़ा, अछूतों की कैफियत.
महात्मा ज्योतिबा व उनके संगठन के संघर्ष के कारण सरकार ने ‘एग्रीकल्चर एक्ट’ पास किया. धर्म, समाज और परम्पराओं के सत्य को सामने लाने हेतु उन्होंने अनेक पुस्तकें भी लिखी. 28 नवम्बर सन 1890 को उनका देहावसान हो गया.
बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर महात्मा ज्योतिबा फुले के आदर्शों से बहुत प्रभवित थे और उन्होंने कहा था –
Mahatma Phule the greatest Shudra of modern India who made the lower classes of Hindus conscious of their slavery to the higher classes who preached the gospel that for India social democracy was more vital than independence from foreign rule.
महात्मा फुले मॉडर्न इंडिया के सबसे महान शूद्र थे जिन्होंने पिछड़ी जाति के हिन्दुओं को अगड़ी जातिके हिन्दुओं का गुलाम होने के प्रति जागरूक कराया, जिन्होंने यह शिक्षा दी कि भारत के लिए विदेशी हुकूमत से स्वतंत्रता की तुलना में सामाजिक लोकतंत्र  कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण है.
पूरे जीवन भर गरीबों, दलितों और महिलाओ के लिए संघर्ष करने वाले इस सच्चे नेता को जनता ने आदर से ‘महात्मा’ की पदवी से विभूषित किया. उन्हें समाज
के सशक्त प्रहरी के रूप में सदैव याद किया जाता रहेगा.

M&I 4TH SEM MID EXAM MARKS

146350319001 – 18

146350319002 – 28

146350319006 – 29

146350319008 – 30

146350319009 – 09

146350319012 – 25

146350319014 – 24

146350319015 – 00

146350319018 – 15

146350319019 – 16

146350319021 – 16

146350319022 – 12

146350319023 – 01

146350319024 – 21

146350319025 – 05

146350319028 – 03

146350319029 – 17

146350319031 – 05

146350319034 – 29

146350319035 – 03

146350319036 – 20

146350319037 – 22

146350319038 – 00

146350319039 – 29

146350319042- 15

146350319046 – 00

146350319049 – 24

146350319052 – 27

146350319053 – 01

146350319054 – 23

146350319055 – 26

146350319058 – 24

146350319059 – 12

146350319060 – 17

146350319061 – 13

146350319063 – 29

146350319069 – 25

136350319003 – 01

136350319021 – 18

136350319041 – 00

CAD 4TH SEM MID EXAM MARKS

146350319001 – 19

146350319002 – 25

146350319006 – 23

143050319008 – 30

146350319009 – 18

146350319012 – 18

146350319014 – 21

146350319015 – 02

146350319018 – 16

146350319019 – 21

146350319021 – 13

146350319022 – 17

146350319023 – 18

146350319024 – 17

146350319025 – 09

146350319028 – 17

146350319029 – 14

146350319031 – 05

146350319034 – 28

146350319035 – 00

146350319036 – 25

146350319037 – 22

143650319038 – 08

146350319039 – 25

146350319042 – 18

146350319046 – 05

146350319049 – 28

146350319052 – 29

146350319053 – 03

146350319054 – 24

146350319055 – 20

146350319058 – 17

146350319059 – 13

146350319060 – 16

146350319061 – 12

146350319063 – 27

146350319069 – 28

136350319021 – 15

136350319041 – 02

 

CAM 6TH SEM MID EXAM MARKS

136350319004 – 20

136350319005 – 24

136350319008 – 17

136350319010 – 14

136350319014 – 21

136350319016 – 26

136350319018 – 26

136350319019 – 23

136350319026 – 14

136350319027 – 21

136350319028 – 29

136350319029 – 15

136350319032 – 08

136350319034 – 12

136350319036 – 26

136350319042 – 29

136350319044 – 19

136350319047 – 28

136350319049 – 27

136350319053 – 27

136350319059 – 27

136350319060 – 06

136350319067 – 28

136350319068 – 25

136350319071 – 30

136350319077 – 28

136350319078 – 28

136350319080 – 23

136350319081 – 27

136350319082 – 23

136350319084 – 22

136350319085 – 26

136350319088 – 13

136350319099 – 30

136350319101 – 24

136350319105 – 14

136350319113 – 16

116350319052 – 12

116350319100 – 12

116350319105 – 03

116350319107 – 03

116350319120 – 01

126350319017 – 20

126350319020 – 16

126350319022 – 12

126350319024 – 13

126350319029 – 14

126350319045 – 10

126350319049 – 18

126350319056 – 15

126350319060 – 07

126350319079 – 12

126350319084 – 15

126350319089 – 15

126350319103 – 02

126350319118 – 04

126358319001 – 08

 

PMS MID SEMESTER EXAM MARKS

146350319001 – 20

146350319002 – 24

146350319006 – 18

146350319008 – 29

146350319009 – 14

146350319012 – 19

146350319014 – 21

146350319015 – 01

146350319018 – 06

146350319019 – 19

146350319021 -12

146350319022 – 14

146350319023 – 16

146350319024 – 12

146350319025 – 05

146350319029 – 10

146350319031 – 17

146350319034 – 29

146350319035 – 03

146350319036 – 12

146350319037  -13

146350319038 – 05

146350319039 – 27

146350319042 – 12

146350319046 – 01

146350319049 – 23

146350319052 – 25

146350319053 – 02

146350319054 – 19

146350319055 – 15

146350319058 – 26

146350319059 – 07

146350319060 – 12

146350319061 – 17

146350319063 – 25

146350319069 – 26

136350319021 – 06

4th SEMESTER ME-2 MID EXAM MARKS

Enrollment No     Marks

126350319001 – 14

126350319002 – 22

126350319006 – 15

126350319005 – 28

126350319009 – 10

126350319012 – 15

126350319014 – 17

126350319015 – 02

126350319018 – 11

126350319019 – 12

126350319021 – 01

126350319022 – 01

126350319023 – 01

126350319024 – 02

126350319025 – 05

126350319029 – 04

126350319031 – 04

126350319034 – 21

126350319035 – 04

126350319036 – 03

126350319037  – 12

126350319038 – 01

126350319039 – 19

126350319042 – 12

126350319046 – 01

126350319049 – 18

126350319052 – 21

126350319053 – 04

126350319054 – 13

126350319055 – 13

126350319058 – 16

126350319059 – 11

126350319060 – 14

126350319061 – 09

126350319063 – 024

126350319069 – 21

136350319021 – 19

 

6th SEM MS MID MARKS

Enrollment No.    Marks
136350319004         19
136350319005         18
136350319008         0
136350319010          18
136350319014         22
136350319016         22
136350319018          22
136350319019         20
136350319026         17
136350319027          20
106350319046          0
106350319110            0
116350319052            14
116350319071            0
116350319079           0
126350319024          0
126350319084          11
136350319028           18
136350319029            19
136350319031             0
136350319032          20
136350319034           17
136350319036           21
136350319038           0
136350319042          22
136350319044         16
136350319047         21
116350319100          12
116350319105           3
116350319120          0
126350319017         21
126350319020        19
116350319107           3
116350319110            0
136350319049        25
136350319053         15
136350319055          0
136350319059         21
136350319060          16
136350319067          27
136350319068          21
136350319071          21
136350319077          22
136350319078         21
126350319022         13
126350319029        21
126350319045        20
126350319049        20
126350319077          0
126350319103           4
136350319080         16
136350319081          18
136350319082         17
136350319084         17
136350319085          21
136350319088          19
136350319099         29
136350319101          24
136350319105         21
136350319113         24
126350319079         8
126350319089         16
126350319091          0
126350319118          6
136358319007          0
146358319001           13
136358319006            0
126350319060           14

Very Important MSM Questions Bank

Q-1. Explain Structure of BCC, FCC and HCP with neat sketch.

 

Q-2. Give the classification of Engineering Materials.

 

Q-3. Explain Covalent Bond with its Properties.

 

Q-4. Explain types of Bond with neat sketch.

 

Q-5. Explain Effects of Alloying Elements on properties of Steel.

 

Q-6. What is TTT diagram? Explain Need and Application of it.

 

Q-7. What do you mean by Cooling curve, Explain method to plot.

 

Q-8. Explain Principle and Working of Metallurgical Microscope.

 

Q-9. Explain Importance of Metallurgical Examination.

 

Q-10. Define Solid solution and write Properties of Solid solution.

 

Beyond the Limits

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